केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को वाराणसी के IIT (BHU) में 250 रुपये का सिक्का जारी किया। ये एक स्मारक सिक्का है, जिसे कर्नाटक संगीत के महान संगीतकार और कर्नाटक त्रिमूर्ति के सदस्य मुथुस्वामी दीक्षितार की 250वीं जयंती के मौके पर जारी किया गया है। इसके साथ ही, वित्त मंत्री ने 'अमर गुरुगुहम पोत्रुवम' नाम की एक बुक का भी अनावरण किया, जिसमें मुथुस्वामी दीक्षितार के जीवन, दर्शन और संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान के बारे में लिखा गया है।
क्या होता है स्मारक सिक्का
बताते चलें कि स्मारक सिक्के किसी खास मौके, महान व्यक्तित्व या स्मारक की याद में जारी किए जाते हैं। इन स्मारक सिक्कों का इस्तेमाल, बाकी सिक्कों की तरह आम लेनदेन के लिए नहीं किया जाता है। मुथुस्वामी दीक्षितार की 250वीं जयंती के मौके पर जारी किए गए इस ₹250 के सिक्के को India Government Mint की वेबसाइट पर जाकर खरीदा जा सकता है। वेबसाइट पर इस सिक्के की मौजूदा कीमत 6985 रुपये है। हालांकि, आपको इस बात का खास ध्यान रखना होगा कि ये एक स्मारक सिक्का है और रोजमर्रा के लेनदेन में इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
भारत की संगीत और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ियों तक पहुंचाने के महत्व पर जोर
कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए, निर्मला सीतारमण ने कर्नाटक संगीत की समृद्ध विरासत और इसमें मुथुस्वामी दीक्षितार के योगदान के बारे में बात की। उन्होंने उनकी वीणा की खासियतों और काशी के साथ उनके जुड़ाव पर भी चर्चा की, जहां वे कुछ समय तक रहे थे। उन्होंने भारत की संगीत और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ियों तक पहुंचाने के महत्व पर जोर दिया और इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए IIT (BHU) की सराहना की।
BHU के कुलपति और IIT (BHU) के डायरेक्टर ने मुथुस्वामी दीक्षितार की 250वीं जयंती के महत्व पर की बात
BHU के कुलपति प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी ने इस मौके के महत्व पर बात की, जबकि IIT (BHU) के डायरेक्टर प्रोफेसर अमित पात्रा ने भारतीय शास्त्रीय संगीत में दीक्षितार के योगदान को रेखांकित किया। कार्यक्रम में गायिका डॉ. सुमित्रा वासुदेव और वीणा वादक रमना बालचंद्रन ने कर्नाटक संगीत की प्रस्तुतियां दीं। उनके साथ मृदंगम पर गणपतिरमन और वायलिन पर एल. रामकृष्णन ने प्रस्तुतियां दी।
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